हाथरस, मई 8 -- जैविक पिता की पहचान के दुष्कर्म पीड़िता और नवजात का डीएनए सैंपल लिया -(A) - कोतवाली मुरसान क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के बुआ के बेटे ने किया था दुष्कर्म यह भी पढ़ें- धारा 216 सीआरपीसी के तहत आरोप बदलने का अधिकार केवल अदालत को : हाईकोर्टडीएनए सैंपल का महत्व हाथरस, संवाददाता। कोतवाली मुरसान क्षेत्र के एक गांव निवासी दुष्कर्म पीड़िता और उसके नवजात बच्चे का डीएनए सैंपल लिया गया है। इससे नवजात के जैविक पिता की पहचान हो सकेगी। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट कोर्ट में चल रहे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित होगी। दुष्कर्म का आरोपी जेल में निरूद्ध है।दुष्कर्म का मामला कोतवाली मुरसान क्षेत्र के एक गांव निवासी 15 वर्षीय किशोरी के साथ उसके बुआ के बेटे ने दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी होने पर आरोपी के खिलाफ...
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