कौशाम्बी, जून 12 -- खेती की बढ़ती लागत, मिट्टी की घटती उर्वरता और स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को देखते हुए किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। शुक्रवार को विकास खंड क्षेत्र के राजस्व ग्राम शेखपुर रसूलपुर के मजरा नोहरी का पुरवा में खेत बचाओ अभियान के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में संयुक्त कृषि निदेशक अनिल कुमार सागर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जैविक खेती ही खेती और स्वास्थ्य दोनों को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के लगातार बढ़ते प्रयोग से भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इससे मिट्टी में मौजूद लाभकारी जीवाणु नष्ट हो रहे हैं, जिसका असर फसलों की उत्पादकता पर भी पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- प्राकृतिक खेती से घटेगी लागत, बढ़ेगा मुनाफा किसानों से गोबर क...