कटिहार, सितम्बर 6 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सीमांचल का कृषि प्रधान जिला कटिहार अब रासायनिक खेती से जैविक खेती की ओर बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। लगातार रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से कमजोर होती मिट्टी, बढ़ती खेती की लागत और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन की चुनौती के बीच परम्परागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। कृषि विभाग ने जिले के सभी प्रखंडों में इस योजना का विस्तार शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य केवल जैविक खेती को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि कटिहार की पहचान बन चुके मखाना, धान, पान और सब्जियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाना भी है। योजना के तहत गांवों में 20 हेक्टेयर का एक जैविक खेती क्लस्टर बनाया जाएगा, जिसमें कम से कम 50 किसानों को शामिल किया जाएगा। समूह आधारित खेती के...