जैविक खाद का प्रयोग करें, बनी रहेगी मिट्टी की उर्वरकता
लखनऊ, मई 13 -- लखनऊ, संवाददाता। राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएफजीआर) की ओर से बुधवार को नगराम की समेसी पंचायत मे मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प दिलाया गया।एनबीएफजीआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अजेय कुमार पाठक ने ग्रामीणों को जैविक और प्राकृतिक खेती के महत्व से अवगत कराते हुए मृदा स्वास्थ्य सुधारने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों, बागों और मछली पालन के तालाबों में रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर अधिक से अधिक जैविक खाद का उपयोग करें। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरकता बनी रहेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा। यह भी पढ़ें- मेरा गांव मेरा गौरव विषय पर कृषि वैज्ञानिकों ने की चर्चा इस दौरान में टीम में डॉ रञ्जन सिं...
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