ललितपुर, अप्रैल 13 -- बुआई से पूर्व प्रत्येक किसान अपने खेत की मिट्टी का परीक्षण कराएं और फिर रिपोर्ट के आधार पर कमियों को दूर करने के लिए जैविक व प्राकृतिक उर्वरकों का इस्तेमाल करे। ग्राम पंचायत ऐरा में आयोजित फसलों में उर्वरकों के संतुलित प्रयोग' विषय पर विशेष जागरुकता अभियान के दौरान यह बात केवीके वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद ने कही। उन्होंने कहा जिस प्रकार हमारे भोजन की थाली में सभी तत्वों का संतुलन आवश्यक है, उसी प्रकार पौधों के भोजन में सभी तत्वों का संतुलन होना चाहिए। आवश्यकता से अधिक उर्वरकों के प्रयोग से खेती की लागत बढ़ती और मृदा की उर्वरता स्तर में गिरावट आती है। यह भी पढ़ें- डीएपी-यूरिया के असंतुलित उपयोग से मृदा उर्वरता का रहा ह्रास मृदा में पौधों के लिए आवश्यक सभी 17 पोषक तत्वों जैसे नत्रजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर, कैल्शियम...
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