भागलपुर, जून 2 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। किसान एवं स्वयं सहायता समूह मिट्टी जांच के आधार पर ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें। हरित खाद के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाने की जरूरत है। कुल कृषि योग्य भूमि के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से में जैविक और प्राकृतिक खेती करें, इससे भूमि की उर्वरा शक्ति एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रख सकते हैं। यह बातें सोमवार को बिहार कृषि विवि (बीएयू) सबौर के कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि 'खेत बचाओ अभियान' कार्यक्रम में कही। इस कार्यक्रम की शुरुआत बीएयू के अंतर्गत केवीके बाढ़ से हुई है。 यह भी पढ़ें- संतुलित उर्वरक के प्रयोग से खेत बचाओ अभियान का हुआ शुभारंभकार्यक्रम का विवरण यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा एक जून से 30 जून तक चलेगा। बीएयू के भी राज्यभर की इकाइयो...