जैन संत आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी का मना समाधि दिवस
कोडरमा, मई 16 -- झुमरी तिलैया निज प्रतिनिधि। झुमरी तिलैया के बड़ा मंदिर में संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्या सागर जी महामुनिराज के गुरु आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महामुनिराज का समाधि स्मृति महोत्सव श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन व शास्त्र अर्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर सुबोध आशा जैन गंगवाल के निर्देशन में संगीतमय गुरु पूजन हुई। आगे मुनि श्री 108 भाव सागरजी जी ने कहा कि संत लोग कषाय की और काय की सल्लेखना करते हुए मृत्यु को महोत्सव बना देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि शरीर तो एक दिन छूटना ही है, लेकिन आत्मा की सुरक्षा व कल्याण के लिए सल्लेखना ग्रहण की जाती है। दीक्षा भी सल्लेखना की साधना के लिए ली जाती है, जिसमें क्रमशः अन्न-जल का त्याग व निर्जल उपवास की साधना की जाती है। पूज्य गुरुदेव आचार्य...
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