जैन मंदिर में उत्तम मार्दव धर्म का हुआ आयोजन
बाराबंकी, सितम्बर 17 -- बाराबंकी, संवाददाता। दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म सम्प्पन हुआ। प्रात: 5 बजे मुनि श्री सौम्य सागर जी के सान्निध्य में 'ध्यान शिविर' का आयोजन हुआ जो 6 बजे तक चला। तत्पश्चात श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा व पूजन का कार्यक्रम सम्प्पन हुआ। जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। मुनि श्री सौम्य सागर जी इस अवसर पर प्रवचन में कहा 'उत्तम मार्दव धर्म' का अर्थ है मान, अहंकार और अभिमान का त्याग करके मन में विनम्रता और सरलता धारण करना। उत्तम मार्दव हमें सिखाता है धन, रूप, ज्ञान और पद का अभिमान न करें क्योंकि ये सभी क्षणभंगुर है। यह भी पढ़ें- Meerut News: दशलक्षण पर्व पर श्री 1008 तीन लोक महामंडल विधान की शुरूआत सच्ची महानता विनम्रता में है। कब तक आप अकड़े रहोगे एक दिन तो आपको टूटना है हर जगह अकड़े रह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.