लखनऊ, अगस्त 29 -- लखनऊ, संवाददाता। रक्षाबंधन पर इंदिरा नगर जैन मंदिर में एक अलौकिक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। यहां चातुर्मास हेतु विराजमान आचार्य सुबल सागर महाराज व उनके संघ की आहार चर्या हेतु 251 सौभाग्यशाली दंपतियों ने एक साथ गुरुदेव को आहार दान दिया। ​जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि जैन परंपरा में रक्षाबंधन पर्व का विशेष धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व है। इसी दिन महामुनि विष्णु कुमार ने उपसर्ग दूर कर आचार्य अकंपन देव सहित 700 दिगंबर मुनियों के प्राणों की रक्षा की थी। इस पवित्र स्मृति में जैन धर्मावलंबी मुनिराजों को आहार दान देकर महापुण्य का अर्जन करते हैं। यह भी पढ़ें- रक्षा बंधन का जैन परंपरा में व्यापक अध्यात्मिक महत्व: मुनि श्री आचार्य सुबल सागर ने प्रवचन में कहा कि आहार दान देने से जीव को महापुण्य की प्राप्ति होती है...