नई दिल्ली, जुलाई 9 -- नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) मामले में गर्भवती निदा खान को जमानत देते हुए स्थानीय अदालत ने कहा कि जेल में बच्चे को जन्म देने की पीड़ा किसी भी महिला के लिए असहनीय है। अदालत ने इस संदर्भ में भगवान कृष्ण के जन्म का भी उल्लेख किया। अतिरिक्त सेशन जज (नासिक रोड) के. जी. जोशी ने बचाव पक्ष की इस दलील को ध्यान में रखते हुए खान की जमानत याचिका स्वीकार कर ली कि वह पांच महीने की गर्भवती है। अदालत ने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म की तरह जेल में बच्चे को जन्म देने की पीड़ा और उससे जुड़ा सामाजिक कलंक किसी भी महिला के लिए असहनीय होता है। अदालत ने कहा कि ऐसी अत्यंत पीड़ादायक स्थिति से बचने तथा बच्चे के जन्म और उसके समग्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए आवेदक-आरोपी के पक्ष में न्यायिक विवेकाधिकार का प्रयोग करना न्यायोचित होगा...