नई दिल्ली, सितम्बर 4 -- कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुलाई में बड़ा छात्र आंदोलन हुआ था। इस दौरान दौरान दिल्ली पुलिस ने अपराधियों की पहचान करने के लिए 'चेहरा पहचानने वाला सिस्टम' यानी FRS लगाया हुआ था। अब इसी फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की पोल खुलती नजर आ रही है। प्रदर्शन के दौरान इस सिस्टम ने 2873 ऐसे लोगों की पहचान की, जिनके बारे में पुलिस ने कहा कि उनके आपराधिक रिकॉर्ड से मिलान हुआ था। लेकिन मामला कुछ और नजर आ रहा है। द इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में इनमें से कम से कम 25 ऐसे लोग मिले, जो गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे थे और सिस्टम द्वारा पहचान किए जाने के समय जेल में बंद थे। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान FRS ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2873 लोगों की पहचान की। हालांकि, पुल...