जेपी के 'जेन-जी' आंदोलन को पूर्वांचल में दी धार
बलिया, सितम्बर 27 -- सुधीर ओझा बलिया। गुजरात और बिहार में हुए छात्र आंदोलन, जिस आयु वर्ग को अब 'जेन-जी' कहा जा रहा है, ने देश में जेपी आंदोलन की जमीन तैयार की। छात्रों के आह्वान और उसके डर से लगाए गए आपातकाल ने यूं तो पूरे देश को प्रभावित किया लेकिन चूंकि बलिया जेपी का गृह जिला था, लिहाजा यहां सबसे अधिक असर दिखा। बलिया समेत पूर्वांचल के आसपास के जिलों में पूर्व मंत्री रामगोविन्द चौधर ने धार दी।
जेपी आंदोलन का महत्व 'हिन्दुस्तान' के साथ अपने आखिरी साक्षात्कार में रामगोविन्द चौधरी ने आपातकाल और जेपी आंदोलन पर खुलकर बात की थी। उनके अनुसार, 1974 में जेपी के आह्वान के बाद बलिया में सबसे मजबूत आंदोलन चला। सड़क जाम करने के साथ ही रेल भी रोकी गयी। ऑल इंडिया संघर्ष समिति ने जब कालेजों में हड़ताल का आह्वान किया तब वे टीडी कालेज में छात्रसंघ अध्यक्ष ...
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