नई दिल्ली, फरवरी 16 -- दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मनोज गौर की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अतिरिक्त सेशन कोर्ट (एएसजे) धीरेंद्र राणा ने आरोपी के वकील और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दलीलें सुनने के बाद मनोज गौर की जमानत याचिका खारिज कर दी। मनोज गौड़ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा और अधिवक्ता डॉ. फारुख खान पेश हुए। ईडी ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि यह मामला 13,000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है और इसमें 25,000 घर खरीदार पीड़ित हैं। पटियाला हाउस कोर्ट ने 24 जनवरी को मनोज गौर को उनकी वृद्ध माता की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर 14 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

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