रांची, जुलाई 9 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की संयुक्त सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 के परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने प्रार्थी को किसी प्रकार की राहत देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल और अधिवक्ता जयप्रकाश ने अदालत को बताया कि ओएमआर उत्तर पुस्तिका में मार्किंग (बबलिंग) संबंधी त्रुटियों के मामलों में झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ तथा सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट निर्णय दे चुके हैं। इन फैसलों के अनुसार, यदि अभ्यर्थी ओएमआर शीट में निर्धारित तरीके से उत्तर अंकित नहीं करता या एक ही प्रश्न के लिए दो स्थानों पर मार्किंग कर देता है, तो उसकी ओएमआर ...