जेन-अल्फा की शिकायतों से आंखें फेरना गलत होगा
नई दिल्ली, अगस्त 2 -- क्षमा शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार देश में जेन-जी आंदोलन की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि खबर आई कि जेन-अल्फा (2010-2024 तक जन्मे) के बच्चे अब मैदान में आ गए हैं। ये 21वीं सदी के सूचना-समाज के बच्चे हैं। दुनिया भर की खबरें मोबाइल, टीवी के जरिये देखते हैं। इनके बारे में अब मजाक किया जाने लगा है कि ये तो मोबाइल हाथ में ही लेकर पैदा हुए हैं। जेन-जी के आंदोलन से इन्हें लगा कि वह शासन को झुका सकती है, तो हम क्यों नहीं? इसीलिए सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब आंदोलन करने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक सरकारी इंटर कॉलेज की कक्षा छह से लेकर 12 तक के करीब 1,500 बच्चे अपने संस्थान के सामने धरने पर बैठ गए। उनकी यह शिकायत थी कि कॉलेज में उन्हें मामूली सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। बच्चों की मांग थी कि बिजली रहे, टूटे पंखे...
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