प्रयागराज, जनवरी 25 -- भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में जेनरेटिव एआई और ह्यूमन-रोबोट इंटरैक्शन पर आधारित तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन रविवार को हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेज विकास से रोबोटिक्स को नई दिशा मिली है। अब रोबोट केवल निर्देशों पर चलने वाली मशीनें नहीं रह गए हैं, बल्कि वे अनुभव से सीखने, परिस्थितियों का विश्लेषण करने और इंसानों के साथ संवाद करने में सक्षम हो रहे हैं। कार्यशाला में प्रो. वृजेंद्र सिंह ने कहा कि भविष्य के रोबोट इंसानों की भावनाओं, मंशा और संदर्भ को समझ सकेंगे। अमेरिका की सिबिल कंपनी के सीटीओ सौम्यार्क मोंडल ने व्यावहारिक उदाहरणों से बताया कि जेनरेटिव एआई निर्णय-निर्माण, संचार और व्यावसायिक प्रक्रियाओं को अधिक स्मार्ट बना रहा है। वहीं आईआईटी दिल्ली के प्रो. सुब...
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