मिर्जापुर, मई 4 -- विंध्याचल, हिन्दुस्तान संवाद। आदि शक्ति जगत जननी श्री मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में जेठ मास कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि पर दर्शन पूजन करने के लिए दूरदराज से आए आस्थावानों ने बड़े ही श्रद्धा भाव से सिर झुका कर आशीर्वाद लिया। साथ ही भक्तों ने शहनाई एवं ढोल की मंगल धुन के बीच अपने बच्चों के मुंडन एवं उपनयन संस्कार भी कराया। भोर में मंगला आरती के बाद से मंदिर में माता के भव्य स्वरूप का दर्शन पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया। जो देर सायं काल देर रात तक जारी रहा। गंगा घाटों पर आस्थावानों ने गंगा में डुबकी भी लगाई। स्नान करने के बाद विन्ध्य दरबार में पहुंचे, नर-नारियों ने विधिवत दर्शन पूजन कर मंगल कामना की। घंटा-घड़ियाल, शंख ध्वनि के साथ पहाड़ा वाली के जयकारे से मातारानी का धाम देवीमय हो रहा था। नारियल, ...
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