बलिया, मार्च 13 -- बलिया, संवाददाता। जायद (गर्मी, जेठुआ) सीजन में वैज्ञानिक तरीके से सब्जियों की खेती कर दोगुना लाभ हासिल किया जा सकता है। इसके लिए सीजन के शुरुआत में ही लौकी, नेनुआ, कद्दू, खीरा, करेला भिंडी आदि की खेती अधिक कारगर साबित हेाती है। इसके लिए किसान विशेषज्ञों की सलाह पर वैज्ञानिक विधि से बुआई करें। पिछले कई साल से किसान इसका लाभ उठा रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो कद्दू वर्गीय फसलों के लिए अच्छे जल निकास वाली बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। इसके लिए भूमि का पीएच मान छह से सात के बीच होना चाहिए l तैयारी के लिए खेत की दो से तीन बार जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बनाएं। मार्च के अंत तक हर हाल में बुआई करना आवश्यक होता है। बीजों को बोने से पहले बीज उपचारित करने के बाद अंकुरित होने पर सुबह अथवा शाम के समय बुआई करें। उन्होंने बत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.