नई दिल्ली, मार्च 7 -- जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के एक प्राध्यापक ने विश्वविद्यालय परिसर में हो रही सार्वजनिक बहस और संवाद की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को खुला पत्र लिखा है। राष्ट्रपति केंद्रीय विश्वविद्यालयों की विजिटर भी होती हैं।विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के इतिहास अध्ययन केंद्र के प्राध्यापक एम. क्रिस्थु दोस ने 6 मार्च को लिखे पत्र में शैक्षणिक संवाद, संस्थागत संस्कृति और बौद्धिक ईमानदारी बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे स्थान होने चाहिए जहां संवाद, असहमति और शैक्षणिक बहस जिम्मेदारी के साथ और तथ्यों के आधार पर हो।पत्र में उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में आलोचनात्मक सोच, खुली चर्चा और शैक्षणिक ईमानदारी की संस्कृति को बनाए रखने पर ध्यान देने की अपील...
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