नई दिल्ली, जून 2 -- नई दिल्ली/कानपुर, हिन्दुस्तान टीम इंजीनियरिंग को अब केवल लड़कों का क्षेत्र मानने की धारणा तेजी से बदल रही है। इस क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इंजीनियरिंग में बेटियों की बढ़ती रुचि का सीधा असर प्रतिष्ठित जेईई एडवांस्ड परीक्षा में भी देखने को मिल रहा है। वर्ष 2018 में जहां 31,021 छात्राओं ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा दी थी, वहीं उस वर्ष केवल 4,179 छात्राएं ही परीक्षा में सफल हो पाई थीं। लेकिन वर्ष 2025 में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। इस वर्ष 41,337 बेटियों ने जेईई एडवांस्ड में भाग लिया, जिनमें से 9,404 छात्राएं सफल रही हैं। यह अब तक की सबसे अधिक संख्या है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर साइंस और आईटी जैसे क्षेत्रों में बेहतर रोजगार संभावनाओं और सुरक्षित भविष्य को देखकर बेटियों का रुझान इंजीनियरिंग की...
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