नई दिल्ली, अक्टूबर 25 -- कहते हैं कि सफलता की राह आसान नहीं होती है और हर सफलता की कहानी टॉप रैंक से शुरू नहीं होती। कई बार हमारी कहानी तब शुरू होती है, जब लगता है कि अब अंत हो चुका है। जिसके बारे में हम कभी नहीं सोचते हैं। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी है कुलदीप राठौर की। वो जेईई एडवांस्ड में फेल हो गए, लेकिन फिर भी हार नहीं मानी। उन्होंने आईआईटी मद्रास के डेटा साइंस में बीएस प्रोग्राम में एडमिशन और अपनी नई जर्नी शुरू कर दी। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने अपना स्टार्टअप खोला। फिर एक नया बिजनेस खड़ा करने की दिशा में आगे बढ़े। कई सेक्टर्स में काम किया और अब एक आइडिया ने सबकुछ बदलकर रख दिया। हाल ही में उन्होंने अपने आइडिया से प्री-सीड राउंड में 1.1 मिलियन डॉलर (करीब 9 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई है। जिसके बाद से उनकी चर्चा तेज हो गई। उनकी कहानी ...