महाराजगंज, फरवरी 16 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। विकास की दौड़ में भले ही इंसान खुद को सबसे आगे मानता हो, लेकिन जब बात प्रकृति के संतुलन व लैंगिक समानता की आती है, तो जिले के वन्यजीवों ने इंसानों को पीछे छोड़ दिया है। वन्यजीव गणना के ताजा आंकड़ों के विश्लेषण से एक सुखद तस्वीर सामने आई है। जिले की मानव आबादी जहां बेटियों की संख्या के मामले में पिछड़ रही है, वहीं सोहगीबरवां सेंक्चुरी के वन्यजीवों के कुनबे में मादाओं की संख्या नरों की तुलना में कहीं अधिक मजबूत है। वन्यजीवों का लिंगानुपात 1097 है, जबकि मानव समाज में यह महज 943 है। यानी इंसानों व वन्यजीवों के जेंडर रेशियो में 154 अंकों का भारी अंतर है। सोहगीबरवां सेंक्चुरी बिहार के वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व व नेपाल के चितवन नेशनल पार्क के साथ एक नेचुरल कॉरिडोर के रूप में काम करती है। तीनों जं...