जून में गोचर करेंगे गुरु कर्क राशि में, मेष से केकर मीन राशि पर पड़ेगा प्रभाव
नई दिल्ली, मई 17 -- Guru Gochar Kark Rashi Jupiter Transit : ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति देवगुरु को नवग्रहों में सबसे शुभ माना गया है। धर्म, ज्ञान, विवाह, संतान भाग्य और समृध्दि के कारक बृहस्पति ग्रह अपनी दृष्टी कुंडली के जिस भाव में भी रखते हैं। उसके प्रभाव बढ़ा देते हैं। 12 साल के बाद एक ऐसा संयोग बन रहा है। जिसमें देव गुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, गुरु का कर्क राशि में गोचर दो जून को रात में दो बजकर पच्चीस मिनट पर होगा, जो 31 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेंगे। इसके बाद सूर्य की सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। यह संयोग कई राशियों पर संकारत्मक प्रभाव डालेगा। गुरु के कर्क के राशि में आने पर हंस राजयोग बनता है, जो पंच महापुरुष राजयोग में से एक है। यह 12 र्ग्ष के बाद बनने वाल...
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