हल्द्वानी, मई 4 -- हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के ट्रॉमा सेंटर में गंभीर व अति गंभीर मरीजों का इलाज जूनियर डॉक्टरों के भरोसे चल रहा है। नियमों के तहत सीनियर डॉक्टरों द्वारा 24 घंटे मॉनिटरिंग होनी चाहिए जो नहीं हो रही है। इससे भर्ती मरीजों की सेहत पर खतरा बना हुआ है। किसी भी अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर सबसे संवेदनशील हिस्सा होता है।

ट्रामा सेंटर की निगरानी सेंटर में भर्ती अति गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है ताकि उनकी पल-पल की निगरानी कर ठीक से देखभाल की जा सके। इस सेंटर की निगरानी के लिए एनस्थिसिया विभाग के सीनियर की मौजूदगी अनिवार्य होती है। एसटीएच में 14 बेड वाला ट्रामा सेंटर हर समय गंभीर मरीजों से पैक रहता है। हैरानी की बात यह है कि इनगी निगरानी जूनियर डॉक्टरों के भरोसे है। नए-नए एमबीबीएस पास कर आए इन जूनियर डॉक्टरों के पा...