अररिया, अप्रैल 18 -- अररिया, निज प्रतिनिधि कभी नगदी फसल के तौर पर सबसे अधिक उपजाए जाने वाले जूट अब धीरे-धीरे अपना पहचान खोते जा रहा है। करीब दो दशक पहले जिले में नगदी फसल के तौर पर सबसे अधिक जूट की खेती थी, लेकिन धीरे-धीरे अब जूट की खेती से किसानों का मोह भंग होता जा रहा है। मजदूरों की किल्लत और खेती में बढ़ती लागत के चलते किसान अब जूट की खेती छोड़कर नगदी फसल के तौर पर अब मक्का की खेती करने लगे हैं। जूट की खेती कम होने का मुख्य कारण मजदूरों की किल्लत और संसाधनों का अभाव होना बताया जा रहा है। यह भी पढ़ें- खेती में लागत की तुलना में किसानों की कम हुई आमदनी, बढ़ी परेशानी किसानों का कहना है कि करीब दो दशक पूर्व किसान बड़े कार्यो को पूरा करने के लिए किसान जूट की खेती पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब उसका जगह मक्का ने ले लिया है। किसानों की माने तो, जू...