मैनपुरी, अगस्त 3 -- मानसून की बेरुखी, चिलचिलाती धूप और भीषण उमस भरी गर्मी के चलते जुलाई के महीने में बिजली की खपत ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। घरेलू और व्यावसायिक स्तर पर एयर कंडीशनर और कूलरों के लगातार संचालन के कारण जिला स्तर पर विद्युत ग्रिड पर भारी दबाव बना रहा। जुलाई माह में बिजली खपत के अनुसार इस पूरे महीने में बिजली की अधिकतम मांग में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। आंकड़े बताते हैं कि जहां 9 जुलाई को सबसे कम 191 मेगावाट की डिमांड थी, वहीं 27 जुलाई को यह बढ़कर 324 मेगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े पर पहुंच गई। जुलाई माह के शुरुआत में बिजली खपत अधिक नहीं रही। एक से 11 जुलाई तक यानी जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की हल्की दस्तक और बादलों की आवाजाही से तापमान नियंत्रण में रहा। इस दौरान बिजली की मांग मुख्य रूप से 210 मेगावाट से 233 मेग...