अलीगढ़, मार्च 13 -- अलीगढ़, सुनील कुमार। आने वाले एक सदी में कोच्चि, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, विशाखापट्टनम के पोर्ट के डूबने का खतरा है। यह खतरा कच्छ के जुरासिक काल चट्टानों पर किए गए शोध के आधार पर आंका गया है। इसका मुख्य कारण वैश्विक तापवृद्धि, ध्रुवीय बर्फ का पिघलना, मैंग्रोव, आर्द्रभूमि को बताया गया है। डीएस कॉलेज के भूवैज्ञानिक डॉ. ऐनुल हसन ने का यह शोध कच्छ के झुरियो डोम क्षेत्र में उजागर जुरासिक काल की चट्टानों पर आधारित है। जिनका निर्माण लगभग 176 मिलियन से 155 मिलियन वर्ष अर्थात लगभग 17.6 करोड़ से 15.5 करोड़ वर्ष पहले हुआ था। अध्ययन से पता चला कि जुरासिक काल में कच्छ का समुद्र चार प्रमुख चरणों से गुज़रा। पहले चरण में समुद्र इस क्षेत्र में आगे बढ़ा। जिसे समुद्री ट्रांसप्रेसन कहा जाता है। इस दौरान समुद्र का जल स्तर अधिक रहा। पानी में...
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