मेरठ, मार्च 13 -- शुक्रवार को रमज़ान के जुमातुल विदा के मौके पर क्षेत्र भर की मस्जिदों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने जुमे की नमाज अदा की। नमाज के बाद तमाम मस्जिदों में मुल्क में अमन-ओ-अमान, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआएं की गईं। इस मौके पर उलेमा-ए-किराम ने अपने बयान में रमजान की बरकतों, इंसानियत, आपसी मोहब्बत और समाज में अमन कायम रखने पर जोर दिया। कस्बा हर्रा की मस्जिद सादकिया रहमानी में मौलाना सलमान ने कहा कि रमज़ान का महीना सब्र, रहमत और मग़फिरत का महीना है। उन्होंने कहा कि रमज़ान के आखिरी अशरे की रातें बहुत अफजल होती हैं, और इन्हीं रातों में शबे क़द्र जैसी मुबारक रात आती है। जो हजार महीनों से बेहतर बताई गई है। मौलाना सलमान ने कहा कि शबे कद्र की रात में इबादत करने से इंसान के गुनाह माफ होते हैं। वहीं, कस्बा खिवाई की जामा मस्जिद में...