हल्द्वानी, जुलाई 4 -- हल्द्वानी। कभी बरसात और गर्मियों की शाम को गांवों, खेतों और जंगलों में आसानी से दिखने वाले जुगनू अब तेजी से विलुप्त हो रहे हैं। लगातार घटती इनकी संख्या को देखते हुए अब जुगनुओं के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण की अनूठी पहल की जा रही है, जिसके तहत विश्व जुगनू दिवस के अवसर पर 4 और 5 जुलाई को इनकी गिनती की जाएगी। भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून से जुड़े रहे और वर्तमान में ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. वीपी उनियाल ने बताया कि 4 और 5 जुलाई को विश्व जुगनू दिवस के अवसर पर देशव्यापी 'जुगनू अवलोकन अभियान' आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में जुगनुओं की वर्तमान स्थिति, उनके वितरण और घटती संख्या का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना है। पिछले 5 वर्षों से चल रहे इस अभियान से अब तक हजारों लोग जु...