वाराणसी, फरवरी 16 -- वाराणसी। जैन धर्म के 11वें तीर्थंकर भगवान श्रेयांशनाथ का जन्म कल्याणक रविवार को मनाया गया। इस मौके पर सिंहपुर सारनाथ में भगवान की रजत प्रतिमा चांदी की नालकी में विराजमान कर समाज के लोगों ने मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद 108 स्वर्ण और रजत कलश से भगवान का अभिषेक हुआ। पं.फूलचंद जैन प्रेमी ने कहा कि कहा की परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं है। जैन धर्म का पूरा सार जीव दया है, चाहे वह मनुष्य के रूप में हो और चाहे किसी और रूप में। अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष आरसी जैन ने की। संचालन उपाध्यक्ष राकेश जैन ने किया। इस मौके पर विनोद जैन, प्रदीप जैन, डॉ. केके जैन, वीके जैन, संजय जैन, सुधीर कुमार पोद्दार, आलोक जैन, प्रमोद बागड़ा, राहुल जैन आदि मौजूद थे।
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