जीवितपुत्रिका व्रत कल सप्तमी से हो जाएगा शुरू, जानें पहले दिन से व्रत के पारण तक क्या -क्या होगा?
नई दिल्ली, अक्टूबर 1 -- जितिया व्रत निर्जला उपवास अष्टमी को रखा जाता है। इस व्रत में पूरे दिन रात कुछ खाया पिया नहीं जाता है। यूपी बिहार, झारखंड में यह व्रत बहुत खास माना जाता है। जिन माताओं की संतान हो वो इस व्रत को रख सकती हैं। जिन माताओं के संतान ना हो, वो भी इस व्रत को रख सकती हैं, जिससे उन्हें संतान होने का आशीर्वाद मिलता है। यह व्रत अश्विन मास की सप्तमी तिथि से रखा जाता है। इस दिन नहाय खाय होता है। नहाय खाय पर मडुआ की रोटी, नौनी का साग बनाया जाता है। अष्टमी के दिन कुछ नहीं खाया जाता है। इसके बाद अष्टमी को निर्जला व्रत करते हैं, इस दिन सुबह ओठगन करते हैं. यानी 4 बजे उठकर अनी परंपरा के अनुसार कुछ फल आदि खाना। इसके बाद कुछ खाया या पिया नहीं जाता है। इस दिन चील और सियारिन की पूजा करती है। जीमूतवाहन राजा की पूजा की जाती है। गरुड़ देव ने ...
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