जमशेदपुर, फरवरी 25 -- गोलमुरी मनिंदर टावर में चल रही भागवत कथा के छठे दिन, मंगलवार को आचार्य पंडित सुरेश चंद्र शास्त्री जी महाराज ने वृंदावन की महारास लीला (जीवात्मा-परमात्मा मिलन), कृष्ण का मथुरा गमन, अत्याचारी कंस का वध, उद्धव-गोपी संवाद और रुक्मिणी विवाह के दिव्य प्रसंग सुनाए। आचार्य ने बताया कि भागवत कथा के ये प्रसंग श्रीकृष्ण की लीलाओं का सार हैं, जो प्रेम, ज्ञान और सत्य की विजय का संदेश देते हैं। इन प्रसंगों का श्रवण करने से भक्त भावविभोर हो जाते हैं और जीवन में भक्ति मार्ग का विस्तार होता है। उन्होंने कहा कि वृंदावन में शरद पूर्णिमा की रात श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया, जिसे जीवात्मा का परमात्मा से मिलन माना जाता है और इसे महारास कहा जाता है। इसमें गोपियों का प्रेम सर्वोपरि बताया गया है। कथावाचक ने आगे कहा कि कं...