पाकुड़, फरवरी 3 -- महेशपुर, एक संवाददाता। प्रखंड के सुंदरपुर गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार की रात कथा पंडाल दिव्य आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचिका पूज्य प्रीति रामानुज जी ने सुकदेव जन्म, राजा परीक्षित जन्म एवं सती चरित्र का मार्मिक और ज्ञानवर्धक प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा स्थल पर देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और पूरा परिसर हरि बोल एवं जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंजता रहा। कथावाचिका ने सुकदेव जी के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि वे जन्म से ही ब्रह्मज्ञानी और वैराग्य से पूर्ण थे। महर्षि वेदव्यास के पुत्र सुकदेव ने संसार के मोह-माया से दूर रहकर परमात्मा की भक्ति को जीवन का लक्ष्य बनाया। उन्होंने बताया कि सुकदेव जी का जीवन यह संदेश देता है कि सच्चा ज्ञान ...