देहरादून, मार्च 31 -- जीवन में संस्कार, सत्संग और भक्ति सबसे ज्यादा जरूरी है। इनके बिना जीवन सफल नहीं होता। ये बात प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने रेंजर्स ग्राउंड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कही। कथा के पांचवे दिन वहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथावाचक ठाकुर ने कहा कि जीवन की सफलता केवल धन या प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, सही निर्णय और संतुलित जीवन से मापी जाती है। माता-पिता को प्रथम गुरु बताते हुए उनके सम्मान और मार्गदर्शन को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया गया।उन्होंने सत्संग की महत्ता बताते हुए कहा कि मनुष्य अपने संग के अनुसार ही ढलता है। अच्छे और सद्गुणी लोगों का साथ व्यक्ति के विचार और व्यवहार को सकारात्मक दिशा देता है। ईमानदारी, करुणा और धैर्य को सफलता की कुंजी बताया गया।कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और पूत...