जीवन में आनंद को समाप्त कर सकता है क्रोध : पंडित रविशंकर ठाकुर
मुजफ्फरपुर, जून 13 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। छाता चौक स्थित चित्रगुप्त एसोसिएशन के परिसर में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय श्री रामकथा के सातवें दिन शनिवार को कथावाचक पंडित रविशंकर ठाकुर ने कहा कि क्रोध जीवन में स्थायी नहीं होना चाहिए। वह जीवन के आनंद को समाप्त कर सकता है। राम राज्य की आवश्यकता त्रेता युग में भी थी और आज कलियुग में भी है। सौतेले भाइयों में, सहोदर भाइयों से भी अधिक प्रेम था। राम राज्य त्रैलोक्य तथा विश्व को शांति, प्रेम तथा करूणा का संदेश है।इससे पूर्व एसोसिएशन के लोगों ने पूर्व अध्यक्ष राजकुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि राजकुमार ने चित्रगुप्त एसोसिएशन को अपना जीवन समर्पित किया है। यह भी पढ़ें- अहंकार को स्वीकार नहीं करते भगवान : पंडित रविशंकर ठाकुर ईश्वर उनको अपने चरणों में स्थान दें। मौके...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.