लखनऊ, अप्रैल 18 -- आचार्य द्रोण विचार संस्थान की ओर से ठाकुरगंज के परशुराम मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को कथा व्यास डॉ. योगेश व्यास ने कंसवध, महारास और रुक्मिणी विवाह के प्रसंग पर चर्चा की। कहा कि कंस वध हमें यह संदेश देता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे जितना प्रबल क्यों न हो। अंततः धर्म और सत्य की ही विजय होती है। भगवान श्रीकृष्ण का यह कार्य हमें सिखाता है कि जीवन में अन्याय के विरुद्ध खड़े होना ही सच्चा धर्म है।डॉ. योगेश ने आगे कहा कि महारास प्रेम, समर्पण और आत्मा के परमात्मा से मिलन का प्रतीक है। यह भी पढ़ें- भगवान परशुराम और श्रीराम के जीवन से सीख लें युवा पीढ़ी यह दर्शाता है कि जब मन पूर्ण रूप से भगवान में लीन हो जाता है, तब जीवन में आनंद और शांति का वास्तविक अनुभव होता है। महारास हमें सिखाता है कि ईश्वर प्राप्ति...