बुलंदशहर, जुलाई 6 -- नहर कोठी पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को कथा व्यास नीलकांत महाराज ने कहा कि भागवत की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। समाज के द्वारा बनाए गए नियम गलत हो सकते हैं किंतु भगवान के नियम ना तो गलत हो सकते हैं और न ही बदले जा सकते हैं।कथा व्यास ने कहा कि किसी व्यक्ति को यह पता चले कि उसकी मृत्यु सातवें दिन हो जाएगी तो वो क्या करेगा, क्या सोचेगा? राजा परीक्षित ने यह जान कर उसी क्षण अपना महल छोड़ दिया। मृत्यु तो निश्चित है पर कब होगी, ये किसी को भी नहीं पता। तो ऐसे में आप जीवित रहते हुए अपने समय को क्यों बर्बाद करते हैं? भागवत सुनने वालों का भगवान हमेशा कल्याण करते हैं। भागवत में कहा गया है जो भगवान को प्रिय हो वही करो, हमेशा भगवान से मिलने का उद्देश्य बना लो। जो प्रभु का मार्ग...