बलिया, जून 18 -- बलिया, संवाददाता। गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के प्रभारी रमाशंकर तिवारी ने कहा कि जीवन जीने के ढंग ने भी गंगा का रंग बदल दिया है। उत्तराखंड के टिहरी में पतितपावनी के पांव रोककर वैश्विक सांस्कृतिक विरासत पर सवालिया निशान खड़ा किया गया है। अविरल गंगा ही निर्मल गंगा को प्रमाणित कर पाएगी।तिवारी गुरुवार को महावीर गंगा घाट स्थित संकट मोचन मंदिर परिसर में गंगा मुक्ति अभियान की मासिक बैठक में बोल रहे थे। कहा कि गंगा साफ करने के कागजी कसरत से जीवनदायिनी गंगा हतप्रभ और हैरान है। नदी सभ्यता के ऊपर आधुनिकता की अंधी आंधी को जीवन प्रणाली पर ही खतरे का संकेत मानते हुए उन्होंने लोगों को गंगा प्रदूषण की चुनौती से जूझने की सलाह दी। बैठक में डा. हरेन्द्र नाथ यादव, सत्येन्द्र पाण्डेय, लक्ष्मीनारायण, कमलापति, हीरामन, नीरज पाण्डेय, म...