जीवन जीने की कला सिखाती है श्रीराम कथा : पं. नीरजा
मिर्जापुर, मई 29 -- जमालपुर। क्षेत्र के पसही गांव स्थित काली मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के अंतिम निशा श्रद्धा-भक्ति और उल्लास के अद्भुत संगम में श्रोताओं ने गोता लगाया। कथा व्यास पं. नीरजानन्द शास्त्री महाराज ने भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान जैसे ही श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग आया पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग और आदर्शों से भरा पड़ा है। श्रीराम कथा जीवन जीने की कला सीखाती है। उनके राज्याभिषेक का प्रसंग केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि समाज को सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की सीख भी देता है। श्रद्धालु देर रात तक कथा और भजनों में डूबे रहे। कार्यक्रम के समापन पर हुई भव्य आरती न...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.