सिद्धार्थ, दिसम्बर 26 -- पथरा बाजार, हिन्दुस्तान संवाद। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की कथा मनुष्य को जीवन जीने का तरीका सिखाती है। माता-पिता,भाई-बन्धु, पड़ोसी से आदर्श व्यवहार करना संसार के एक मात्र ग्रंथ रामायण में निहित है। ये बातें कथावाचक पारस मणि ने पथरा बाजार में चल रहे श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान आयोजित राम कथा के पहले दिन कहीं। उन्होंने कहा कि रामकथा सुनने से स्वर्ग की प्राप्ति हो न हो सांसारिक समस्याओं से मुक्ति जरूर मिल जाएगी। आज मामूली संपत्ति के लिए भाई-भाई दुश्मन बन जाते हैं। किंतु भगवान राम ने माता पिता की आज्ञा पर छोटे भाई के लिए राजा का पद ही त्याग दिया था। अनुज भरत ने भी सत्ता को तुच्छ समझ बड़े भाई के नाम पर विवशता में शासन संभाला। उन्होंने कहा कि आज माता पिता को वृद्धाश्रम में जाना पड़ता है। संतान के पास उनकी से...
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