हमीरपुर, मई 9 -- मौदहा, संवाददाता। ग्राम करहिया स्थित महेश्वरी देवी मन्दिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को बृन्दावन से पधारी कथा व्यास राधिका द्विवेदी ने कहा कि जीवन जीना सीखना है तो रामायण से सीखो और मरना सीखना है तो भागवत गीता से सीखो।भागवत कथा में कथा व्यास ने बताया कि त्रिवेणी संगम में गंगा, जमुना, सरस्वती का मिलन होता है। मिलन में गंगा जमुना तो दिखाई देती हैं। लेकिन सरस्वती को कोई नहीं देख पाता, सरस्वती को देखने के लिए कई बार प्रयास करने पड़ते हैं। लेकिन सफलता नहीं मिलती। इसी तरह गीता में विज्ञान, वैराग्य और भक्ति है, लेकिन विज्ञान और वैराग्य तो दिखाई देता है लेकिन भक्ति नहीं दिखाई देती। भक्ति को देखने के लिए लीन होना पड़ता है। इसके अलावा व्यास नारद संवाद, परीक्षित जन्म वक्ता के दस लक्षण, रसिका भूवि भाविका, क...