गंगापार, फरवरी 2 -- सत्संग हमें सही सोच, शुद्ध आचरण और सकारात्मक दृष्टि देता है। संतों का संग मन को शांति देता है, अहंकार घटाता है और सेवा-भाव जगाता है। सत्संग से विवेक बढ़ता है, भटकाव मिटता है और जीवन सही दिशा में आगे बढ़ता है। श्रीमद् भागवत कथा भी जीवन को सत्संगी बनाती है और प्रभु के करीब पहुंचाती है। जीवन के भटकाव को रोकने और सत्कार्य करने की प्रेरणा हमें श्रीमद् भागवत कथा अथवा अन्य ग्रंथ दिलाते हैं। कथा सुनने से जहां मन प्रसन्न होता है, वहीं दूसरी ओर जीवन में मुसीबतों के समय भी हिम्मत नहीं हारते हुए हर स्थिति से निपटने की प्रेरणा मिलती है। इस आशय का उपदेशपूर्ण प्रतिपादन ग्रामीण जागृति शिक्षा समिति के शिविर सेक्टर 7 के निषादराज लोवर मार्ग पर माघी पूर्णिमा के अवसर पर देवेन्द्र रामानुज ने कहीं। इस अवसर शिविर संयोजक अमित कुमार ने उपस्थित ...
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