रिषिकेष, दिसम्बर 4 -- अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर गुरुवार को एम्स ऋषिकेश में सामाजिक प्रगति के लिए दिव्यांगता समावेशी समाज का संवर्धन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया। कहा गया कि किसी भी तरह की दिव्यांगता से ग्रसितजन हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। एम्स निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को जीवन के प्रति सकारात्मक रहना चाहिए। उन्हें जन्मजात अथवा किसी घटना से मिली दिव्यांगता से कदापि हार नहीं माननी चाहिए। निदेशक ने बताया कि संस्थागत स्तर पर दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए रोबोटिक्स रिहेब्ल्टिेशन समेत कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिनकी सहायता से ग्रसित व्यक्ति की संपूर्ण क्षमता वापस आ सकती है। विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार यादव ने बताया कि विभा...
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