प्रयागराज, जनवरी 19 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि परीक्षा में बैठने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 में दिए गए मानवीय गरिमा के साथ जीने के अधिकार के समान है। कोर्ट ने कहा कि किसी छात्र का भविष्य तकनीकी खामियों या प्रशासनिक सुस्ती के कारण खतरे में नहीं डाला जा सकता। बीएससी की छात्रा श्रेया पांडे की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विवेक सरन ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने प्रयागराज के रज्जू भय्या राज्य विश्वविद्यालय को याची के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया है। याची को एडमिट कार्ड नहीं जारी होने के कारण वह परीक्षा देने से वंचित रह गई थी। मामले के याची अनुसार प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय, प्रयागराज से जुड़े उर्मिला देवी पीजी कॉलेज, हंडिया में बीएससी (बायोलॉजी) प्रथम वर्ष की छा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.