रिषिकेष, अप्रैल 10 -- कथा मर्मज्ञ पंडित गुलशन महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन का दर्पण है, जो हमें हमारे वास्तविक स्वरूप से परिचित कराता है। जब तक मनुष्य अपने भीतर के अहंकार, द्वेष और मोह को त्याग नहीं करता, तब तक वह सच्चे आनंद और शांति को प्राप्त नहीं कर सकता। शुक्रवार को परमार्थ निकेतन में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित गुलशन महाराज ने ज्ञानगंगा से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। कहा कि जब हम स्वयं में परिवर्तन लाते हैं, तभी समाज और राष्ट्र में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है। श्रीमद् भागवत कथा संस्कार, संस्कृति और चेतना के दिव्य संगम की एक प्रेरणादायक यात्रा है। कथा में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कथा व्यास पंडित गुलशन महाराज से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन जीने क...
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