ललितपुर, जून 13 -- ललितपुर। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार योजना (जीरामजी) में फर्जीवाड़ा पर लगाम लगाने वाले नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) में ही शातिरों ने सेंध लगा दी। उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में इस तरह के मामले पकड़ में आने के बाद ललितपुर जिले के अफसरों को भी अलर्ट कर दिया गया है। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने चारागाह बना रखा है। ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक आदि जिम्मेदार अपने चहेते जाबकार्डधारकों की फर्जीढंग से हाजिरी मनरेगा में लगाते रहे हैं। इससे उनको दो फायदे होते चले आ रहे हैं। पहला मशीन से कराए कार्यों को ऐसे करीबी श्रमिकों के जाबकार्ड लगाकर उसको नियमों पर फिट बिठाते रहे और दूसरा श्रमिकों को मजदूरी का कुछ पैसा देकर शेष रुपये अपनी जेब में रखते रहे। इस तरह के खेल को...