नोएडा, अप्रैल 12 -- ग्रेटर नोएडा, आशीष धामा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में पांच वर्षों के भ्रष्टाचार की परतें खुलेगी। फिलहाल पांच करोड़ का घोटाला सिर्फ वित्तीय वर्ष 2024-25 का है। अब पिछले पांच वर्षों की जांच भी शुरू हो गई है। गौरतलब है कि जीबीयू के प्रभारी रजिस्ट्रार सीके सिंह 9 अप्रैल को पांच करोड़ के घोटाले मामले में जीबीयू के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी समेत 12 लोगों के खिलाफ इकोटेक-1 कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसी के साथ अब विश्वविद्यालय में पूर्व में हुई अनियमितताओं से भी पर्दा उठने लगा है। बताया जाता है कि इससे पूर्व में वाटर कूलर की खरीद में किए गए भ्रष्टाचार का मामला लखनऊ तक पहुंच गया था। हालांकि, किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी। विश्वविद्यालय में फीस और नियुक्ति का खेल लंबे समय से चल रहा है। अफसरों पर क...
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