नोएडा, जुलाई 23 -- ग्रेटर नोएडा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह और अन्य के खिलाफ पूर्व कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी की ओर से दायर अवमानना याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने यह फैसला नौ जुलाई 2026 को सुनाया था। कोर्ट ने पाया कि जिस आदेश के कथित उल्लंघन का आरोप था, उसकी कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियों पर पहले ही रोक लगा दी गई। वहीं, डॉ. विश्वास त्रिपाठी की सेवा समाप्ति का आदेश भी एक अलग याचिका में चुनौती के अधीन है। बता दें कि पूर्व कुल सचिव समेत 12 लोगों के खिलाफ छात्रों की फीस में धांधली के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी, इससे पूर्व उन्हें पद से हटाया गया था। इसके बाद से ही डॉ. त्रिपाठी कोर्ट का रुख कर रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द...