संभल, फरवरी 9 -- वाहनों की खरीद-फरोख्त के दौरान होने वाले विवाद, फर्जीवाड़े और बिना जानकारी के ट्रांसफर की शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया में जीपीएस आधारित फोटो सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था के तहत वाहन के खरीदार और विक्रेता को एक साथ उपस्थित होना होगा और उनकी जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो ली जाएगी। फोटो सत्यापित होने के बाद ही वाहन का स्वामित्व परिवर्तन (ट्रांसफर) किया जाएगा। एआरटीओ ने बताया कि यह कदम विशेष रूप से उन मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है, जिनमें बिना वास्तविक लेन-देन के कागजी कार्रवाई कर वाहन ट्रांसफर करा लिया जाता था, या बाद में स्वामित्व को लेकर विवाद खड़े हो जाते थे। वाहन खरीद-बिक्री के समय खरीदार और विक्रेता दोनों की साथ में मौजूदगी जरूरी है। ...