वाराणसी, मई 6 -- वाराणसी। विज्ञान कहता है कि व्यक्ति की शारीरिक संरचना उसके निवास स्थान, खानपान और आनुवांशिकी से तय होता है। हालांकि कई बार मानव जीन में होने वाले बदलाव (म्यूटेशन) शारीरिक संरचना और रंग को परिवर्तित कर देते हैं। तेलंगाना में ऐसे ही मामले के खुलासे के बाद बीएचयू के वैज्ञानिक अब जीन म्यूटेशन का रहस्य सुलझाने में जुट गए हैं। शोध का निष्कर्ष आनुवांशिकी विज्ञान में नई क्रांति ला देगा। कहानी की शुरुआत तेलंगाना के एक जनजातीय गांव से हुई। गांव में पीढ़ियों से लोगों की त्वचा का रंग गहरा और बाल घने काले हैं। पांच साल पहले यहां जन्मी बच्ची के बाल यूरोपीय लोगों जैसे लाल और उसकी त्वचा हल्के रंग की है। यह भी पढ़ें- जीन म्यूटेशन की पहेली सुलझाने में जुटे बीएचयू के वैज्ञानिक जनजातीय आबादी में इसकी चर्चा शुरू हो गई। यह मामला हैदराबाद में स...
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